ज्योतिष मार्गदर्शन का विज्ञान है और मार्गदर्शन सिर्फ परेशानियों को अंकित करना ही नहीं बल्कि उन्हें समाप्त कर जीवन को सरल, सुखमय और आसान बनाना है।
-आचार्य अभिनव दुबे

प्रतापगढ़ के छोटे से गांव पिपरी खालशा में जन्में अभिनव दुबे जी का ज्योतिष के प्रति समर्पण ही है जो आज उन्हें ‘आचार्य’ अभिनव के नाम से जाना जाता है। पूरे हिन्दुेस्ताैन में लोग आचार्य अभिनव को कई न्यूनज चैनल, मैगजीन और यूट्यूब चैनल के जरिए देखते और उनका अनुसरण करते रहते हैं।

उन्होंने बनारस जैसी सांस्कृातिक नगरी की शरण में जाकर संपूर्णा नंद संस्कृं‍त विश्वनविद्यालय से अध्य यन किया। ज्योोतिष के अलावा इन्हे योग और प्राकृतिक चिकित्सार पद्धति (नेच्रोपैथी) का भी विशेष ज्ञान है।

वर्ष 2014 के दौरान आचार्य जी ने चुनावों का सटीक विश्लेिषण कर कई लोगों को प्रभावित किया। इसके बाद समय समय पर विभिन्नक माध्याम से अपनी भविष्य वाणियों से कई लोगों को लाभान्विात किया।

उपरत्नों पर इनका अध्यधयन अविस्मअरणीय है। धन का लोभ न होने के कारण इन्होंने उपरत्नों पर विशेष काम किया और हजारों रूपए महंगे महंगे रत्नोंन पर बर्बाद कर चुके कई लोगों को उपरत्नो के सटीक प्रभाव से परेशानी से मुक्ति किया।

कुंडली विश्लेाषण, वास्तुि शास्त्रक, हस्तोरेखा द्वारा जीवन में सुख समृद्धि एवं कष्टों से मुक्ति के लिए इनसे मार्ग दर्शन लिया जा सकता है। कुंडली या हस्त रेखा के अनुसार ग्रह बाधाओं को दूर करने के लिए आचार्य जी स्वटयं विशेष पूजा का निर्धारण करते हैं और इनके त्वारित प्रभाव भी देखे गए हैं। आचार्य जी के अनुसार महाअनुष्ठाकन रत्नोंप से अतिशीघ्र प्रभाव देते हैं।

आचार्य जी का मानना है कि परेशानियां तो सभी के जीवन में हैं किन्तुए उन्हें अपनी नियति मान लेना गलत है। भारतीय महामुनियों ने ज्योपतिष विज्ञान की खोज इसी उद्देश्यए से की थी जिसे आज के समय में आचार्य अभिनव जैसे कर्म निष्ठो ज्योनतिषाचार्य आगे लेकर चल रहे हैं।

आचार्य जी से मिलने के माध्य्म और समय

1: पर्सनल मीटिंग:

आचार्य अभिनव जी से मिलने के इच्छुोक व्य क्ति सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को गोमती नगर, लखनऊ के उनके कार्यालय में पूर्व अप्वा इंटमेंट लेकर मिल सकते हैं।
सप्तााह के दूसरे और आखिरी शनिवार और रविवार को आचार्य जी दिल्लीं में अपने कार्यालय में लोगों के लिए उपलब्धल होते हैं। यहां भी पूर्व अप्वां इंटमेंट के बाद ही मुलाकात संभव है।

2: टेलिफोनिक मीटिंग:

यदि आप आचार्य जी के कार्यालय तक नहीं पहुंच सकते तो फोन से आप मार्गदर्शन प्राप्तभ कर सकते हैं। इसके लिए आचार्य के कार्यालय में फोन करके अपनी अप्वां इंटमेंट ले सकते हैं।

3: होम विजिट:

अगर आप चाहते हैं कि आचार्य अभिनव जी अपनी सकल सकारात्माक ऊर्जा के साथ आपके स्था न पर आएं और आपके परिवार और मित्रगणों को अपना आशीष दें तो आप होम विजिट बुक करवा सकते हैं। इसमें आचार्य जी आपके गन्ताव्यग पर आएंगे और आपका मार्ग दर्शन करेंगे।

4: रत्नत सलाह

कुंडली अथवा हस्त‍रेखा के अनुसार अपनी परेशानियों के समाधान के लिए रत्नं सलाह प्राप्त करें। अभिमंत्रित रत्नोंष को सदियों से जीवन के संकट दूर करने के लिए समाधान के रूप में धारण किया जा रहा है।